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प्यार मे कोई

प्यार मे कोई दिल तोड़ देता है 

दोस्ती मे कोई भरोसा तोड़ देता है 

ज़िंदगी जीना तो कोई गुलाब से सीखे 

जो खुद टूट कर दो दिलों को जोड़ देता है…...

तू मुझमें पहले

तू मुझमें पहले भी था 

तू मुझमें अब भी है

पहले मेरे लफ्जों में था अब मेरी खामोशियों में है....

एक शाम आती

एक शाम आती है तुम्हारी याद लेकर 

एक शाम जाती है तुम्हारी याद देकर 

पर मुझे तो उस शाम का इंतेज़ार है जो 

आए तुम्हे अपने साथ लेकर….

आपके हुस्न को देखकर

आपके हुस्न को देखकर ओ सनम सभी जाने क्यों गस खाकर गिर जाते हैं 

आप अपने हुस्न को कहीं छुपा लीजिये वार्ना यह लोग बेमौत मरे जाते हैं…

दिलों में खुंदक चेहरों

दिलों में खुंदक चेहरों पर मुस्कान रखते हैं वो नज़रों से छुपा कर तीर कमान रखते हैं मौका मिलते ही उतार देते हैं तीर दिल में ग़ज़ब है कि फिर भी वो शीरी ज़ुबान रखते हैं कैसा ये शहर यहां हर तरफ यही शोर है कि यहाँ के लोग अपनी जेबों में ईमान रखते हैं किसी भूखे को एक निबाला न दे सके कभी फिर भी ज़न्नत पाने का वो अरमान रखते हैं...

तराशा है उनको बड़ी

तराशा है उनको बड़ी फुर्सत से... 

जुल्फे जो उनकी बादल की याद दिला दे...

नज़र भर देख ले जो वोह किसी को...

नेकदिल इंसान की भी नियत बिगड़ जाए.....

आपकी जुदाई भी हमें प्यार

आपकी जुदाई भी हमें प्यार करती हैं … 

आपकी याद बहुत बेकरार करती हैं .. 

जाते जाते कहीं भी मुलाकात हो जाये आप से … 

तलाश आपको ये नज़र बार बार करती हैं …

काश फिर वो मिलने..

काश फिर वो मिलने कि वजह मिल जाएँ … साथ वो बिताया , वो पल मिल जाये चलो अपनी अपनी आँखें बंद कर लें क्या पता खाव्बों मैं गुजरा हुआ कल मिल जाएँ..

तुम करोगे याद एक..

तुम करोगे याद एक दिन इस प्यार के ज़माने को, चले जाएँगे जब हम कभी ना वापस आने को. करेगा महफ़िल मे जब ज़िक्र हमारा कोई,,,, तो तुम भी तन्हाई ढूंढोगे आँसू बहाने को..

किसी फ़क़ीर ने सच..

किसी फ़क़ीर ने सच ही कहा है - अपनी तक़दीर की आजमाइश ना कर, अपने गमो की नुमाइश ना कर, जो तेरा है तेरे पास खुद आएगा, रोज रोज उसे पाने की ख्वाहिश ना कर…